Monday, August 29, 2016

गैंडी सविता भाभी का आतंक - Short Fiction Comedy Story – Gendi Savita Bhabhi


सविता भाभी का जन्म होते ही, उसके बाबूजी के सिर के बाल झड़ने लगे। माँ काली पड़ गयी और पड़ौसी भीख-मंगे हो गए। सविता जिस स्कूल में पढ़ने गयी उस स्कूल का उत्थापन भी जल्द हो गया। पूरे गाँव में सविता भाभी का नाम सविता पनवती पड़ गया। और यहाँ हमारे बड़े भाई पांडु-रंगा 36 साल के हो चले थे, और छुट्टे सांढ की तरह शादी के लिए उतावले हो रहे थे।


हमारे बाबूजी सविता के गाँव जा पहुंचे और हमारे बड़े भाई पांडु-रंगा के लिए गाँव की फेमस कलमुहि सविता का रिश्ता नक्की कर आए। अब हमें लगा की घर में भाभी आ रही है तो सब का खयाल रखेगी, लाड़ करेगी।    


लेकिन शादी के दूसरे ही दिन सविता भाभी नें हमें बुला कर हमारे हाथ में 10 रुपये रख दिये,,, हम समझ नहीं पाये की भाभी हमें छुट्टे पैसे क्यूँ गिफ्ट कर रही है,,, पर फिर उन्होने मुह फाड़ कर जब बोला की एक 135 नंबर बड़ी सुपारी वाली खैनी मावा ले आ,,, तब समझ आया की भाभी के नाम पर खैनी खाऊ लफंगी, मवाली  भैसिया घर घुस आई है।




हमारे बाबूजी नें बड़े भाई पांडु रंगा और खैनी खाऊ सविता भाभी को हनीमून पर उदयपुर भेजा, वहाँ हमारी गेंडी भाभी नें होटल से तोलिया और साबुन चोरी कर लिया और होटल वालों नें पुलिस केस कर दिया। अब बाबूजी जमानत देने तो गए पर चोरटी भाभी की करतूत के कारण बाबूजी नें पांडु रंगा को गोबर वाली चप्पल से पीटा।




घर आते ही सविता भाभी नें ज़िद पकड़ ली की मुझे घर के पास वाली नदी में तैरने जाना है। बाबूजी नें साफ मना कर दिया। लेकिन पांडु रंगा नहीं चाहता था की उसकी माल-गाड़ी, छाप खैनी खाउ, चोरटी बीवी माइके चली जाए।


बाबूजी शहर गए थे तब,,, एक दिन दो पहर में पांडु रंगा सविता भाभी को नदी ले ही गया। डायनासोर की सूझी हुई अंडी सविता भाभी “धबांग” कर के नदी में कूदी,,, तभी हदबड़ाहट में चार पाँच मगर-मच्छ पानी के अंदर से सतह पर आ गए।



अभी हमारे पांडु रंगा भैया नदी किनारे बैठ कर खैनी खाऊ भाभी की तंबाकू पीट ही रहे थे की,,, नदी से भयानक गर्जना की आवाज़ आई,,,


यह चुड़ैल छाप त्राड हमारी भैस-भाभी नें ही लगाई थी। पांडु रंगा अपनी मोटीसी बीवी को बचाने फौरन पानी में कूद गए,,, सविता भाभी अचानक खुद तैर कर, नदी के किनारे आ मरी,,, अब हमारे कूड़ दिमाग पांडु रंगा पानी में गोथे खा रहे थे,,, जिनहे कूड़ा उठाने वाले भिखारियों की टोली नें नदी में जा कर,,, सिर के बाल पकड़ कर नदी से बाहर खींचा।


रंगा – राणा की जोड़ी (सविता – पांडु ) अब नदी किनारे बाहर आ चुके थे तो,,, गभराए हुए मगर-मच्छ फिर से नदी के पानी में घुस गए। यह दोनों नदी पर कांड कर के घर लौट रहे थे तभी अचानक बाबूजी शहर से वापिस लौट आए। और फिर से उन्होने हमारी जंडु भाभी की फरमाइस पूरी कर रहे पांडु रंगा की रोड पर ही पिटाई कर दी।


रात को घर लौट कर सविता भाभी नें प्लास्टिक जैसी मज़बूत रोटी और कंकड़-पत्थर जैसी सबझी हमें ठुसने के लिए दे दी। बाबूजी उपवास का बहाना कर के सटक गए, पांडु रंगा दस्त का बहाना कर के निकल लिए और अब भाभी मेरी और टक-टकी लगाए देख रही थी। अब ऐसा खाना चबाने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता,,, पर मुझे समझ नहीं आ रहा था की इतना टिकाऊ खाना गले से निगलूँ तो कैसे निगलूँ।


तभी अचानक मेरा बचपन का दोस्त विमल लट्ठा स्वामी मेरी गली में आ पहुंचा और उसनें वहीं खड़े खड़े बांग मारी की,,, उसे पागल कुत्ते नें काट लिया है,,, मै हड़प से खड़ा हुआ और भाभी को बोला की विमले को दवाखाने ले जाना होगा,,, में खाना बाद में खाऊँगा। लाख लाख शुक्र है उस महान पागल कुत्ते का जिसनें समय पर विमल को काट कर भाभी के भयानक खाने से मुझे बचा लिया।
मै रात को बारह बझे घर लौट आया और चुपके से सारा खाना गली के कुत्ते को डाल दिया। कुछ ही देर में हमारी गली के कुत्ते की रोने की आवाज़ आने लगी,,, शायद भाभी के बनाए खाने से उसके दाँत टूटे होंगे या उसका पेट खराब हुआ होगा।


करीब रात को तीन बझे हमारे घर पर चोर घुस आए,,, उन दोनों चोरों की बद-किस्मती देखो,,, वह सब से पहले सविता भाभी के रूम में घुसे। अभी चोर भाभी के कबाट से चिल्लर उठा ही रहे थे की,,, रात की तीन बझे बासी खाना ठूस रही मेरी चांडाल भाभी दौड़ कर बैड-रूम में आ गयी।
अब दोनों मासूम चोर मेरी भयानक भाभी की गिरफ्त में थे। दाल सबझी वाले मुह से मेरी भाभी नें उन दोनों चोरों को बे तहाशा काटा,,, और फिर उन दोनों को मार मार कर ज़मीन पर गिरा दिया,,, और खुद उनके ऊपर बैठ कर हिडिंबा की तरह चिल्लाने लगी।


कुछ ही देर में अघोरी पांडु रंगा की नींद टूटी, और बाबूजी भी दौड़ कर भाभी के कमरे में आ गए,,, मै अपनें रूम में पड़े पड़े सोच रहा था की,,, दस हथनीओं की ताकत रखनें वाली मेरी सविता भाभी पर दुनियाँ की कोई आफ़त आ ही नहीं सकती,,, पर फिर भी मै भी वहाँ नज़ारा देखने पहुँच ही गया।


बड़ी मुश्किल से उन दों पिचके हुए चोरों को सविता भाभी के चंगुल से हमने दूर किया। भयानक भांड भाभी नें जिस तरह उन चोरों को काटा था,,, उसे देख कर विमले लट्ठे को काटने वाला पागल कुत्ता मुझे कई गुना मासूम लगा।


दोनों चोर बोलनें लगे की यह क्या बला पाल रखी है घर में,,,? हमें पुलिस में देदो,,, मिलेट्रि में देदो,,, सज़ा ए काला पानी देदो पर इस लेडी भस्मासुर हथनी से बचा लो,,,। जैसे तैसे कर के बाबूजी नें दोनों चोरों को थोड़ा बहुत डांट कर मरहमपट्टी के पैसे दे कर रवाना किया।



अगले दिन सविता भाभी को स्कूटर सिखनें का मन हो गया,,, मैंने फौरन पूरे इलाके में घोषणा करा दी की,,, अपनें बच्चों-कच्चों को संभाल कर अपनें घर के अंदर ठूस लेना,,, हमारी गोबर-गेंडी भाभी को स्कूटर सीखने का भूखार चड़ा है। - “Just For laugh” 
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Sunday, August 28, 2016

Google Adsense Policy Change – गूगल एड सेंस पॉलिसी में बदलाव की बड़ी खबर

हाल ही में एक न्यूज़ viral हुई है की google adsene नें अपनी advertising policy में बड़ा बदलाव किया है। कुछ समय पहले एक पेज पर google adsense तीन picture advertise और तीन लिंक advertise लगाने की अनुमति थी। इस नियम में बदलाव किया गया है। और नए नियमअनुसार अब Google adsense के ads blogger अपनी मरज़ी मुताबिक लगा सकते हैं।



ब्लॉगर community के लिए यह एक खुशी की बात तो है, पर इस सुविधा के साथ साथ एक प्रोब्लेम भी आ सकती है। कम कंटैंट वाले पोस्ट के अंदर तीन से ज़्यादा Google ads लगाने पर CPC (click per cost) घट सकता है। अधिक मात्रा में Google ads से चिड़ कर visitor website पर आना कम कर सकते हैं।


इस लिए यह ज़रूरी है की सब से पहले Google adsene की नयी पॉलिसी ध्यान से पढ़ें, किसी अनुभवी ब्लॉगर से सलाह मशवरा करें, और उसके बाद ही अपने website ब्लॉग पर गूगल ad यूनिट की संख्या में बदलाव करें। ताकि किसी बात की गलतफैमी ना रहे।



Conclusion-
Google का यह एक experimental बदलाव हो सकता है, जिसे गूगल कभी भी वापिस भी ले सकता है, इस लिए तीन से ज़्यादा ads unit लगाने वाले ब्लॉगर गूगल की पॉलिसी अपडेट पर सटीक नज़र बनाए रखें। और ज़्यादा जल्दी पैसे कमानें की होड में छोटे पोस्ट पर हद से अधिक ads ना लगाएँ। ऐसा करने पर CPC नीचे जा सकता है, और Google adsense आपके अकाउंट को ब्लॉक भी कर सकता है। क्रिपिया सूझ-बुझ से काम लें। और सही मात्रा में Google ads का प्रयोग करें। (Example- 1000 वर्ड की पोस्ट है तो उस पेज पर 3 से अधिक Google ads ना लगाएँ। 2500 words की पोस्ट है तो 4 या 5 से अधिक ads ना लगाए। और साथ में तीन लिंक ads से अधिक लिंक advertise भी use ना करें)। Best wishes”     
 
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Saturday, August 27, 2016

Estate broker kaise bane – ज़मीन-मकान की दलाली का काम कैसे शुरू करें


आज के समय में पैसा कमाना एक मुश्किल काम है। पूरे परिवार की सामान्य ज़रूरतें पूरी करने के लिए केवल एक व्यक्ति का काम करना काफी नहीं हो पता है। समस्त परिवार जनों को अपनी और से शक्ति अनुसार योगदान देना पड़ता है। अच्छी नौकरी पाने के लिए ऊंची डिग्री, टेलेंट और शिफारिश लगती है। खुद का बिज़नस सेट करने के लिए ढेर सारे पैसे और बिज़नस का ज्ञान चाहिए। अब हर कोई इन जरूरतों को पूरी नहीं कर पाता है, इस लिए उन्हे पैसा कमाने के लिए Service Related काम ढूँढना चाहिए।




Estate agent बननें के लिए कुछ खास पैसों की ज़रूरत नहीं पड़ती है। अगर बात-चीत करने की थोड़ी सी काला हों तो इस काम से अच्छे खासे पैसे कमाए जा सकते हैं। कई लोग इसी बिज़नस को फूल टाइम कर के अपनी आजीविका कमाते हैं।


Brokerage work / Estate agent work क्या है?  
यह एक काफी आसान और फायदेमंद बिज़नस है। जिसमें सिर्फ एक फोन, एक डायरी, एक पेन और थोड़े खर्चे पानी के पैसों की आवश्यकता होती है। इस काम में सफलता पाने के लिए लोगों से बात चित करने की कला निखार लेनी चाहिए। किस इन्सान की क्या ज़रूरत है, और कौन काम का आदमी है यह ताग लगाने की कला सीख लेने पर एक सफल एस्टेट ब्रोकर बना जा सकता है।
सामान्य भाषा में कहा जाए तो किसी भी दुकान, मकान, ज़मीन या अन्य प्रॉपर्टि की डील कराने वाले व्यक्ति को Broker कहा जाता है। और एक सफल सौदा करा देने वाले व्यक्ति को buyer या seller की और से दलाली मिलती है। कई मामलों में दोनों और से भी दलाली / brokerage मिलती है। समान्यतः सौदे की रकम पर 1% या 2% brokerage चार्ज की जाती है।


Brokerage agent के तौर पर काम कैसे शुरू करें।
सब से पहले न्यूज़ पपेर्स पढ़ने की आदत डालें, buy & sell सर्विस देने वाली websites की visit रेगुलर लेते रहें। और अपनें आस-पास यह खबर फैला दें की आप एक estate broker है और ज़मीन मकान की दलाली का काम करते हैं।


ग्राहक कहाँ से ढूँढे? - How to find clients?
किसी भी काम को सफल होने के लिए ग्राहक की आवश्यकता होती है। और ग्राहक प्रचार करने से मिलते हैं। हो सकता है की शुरुआत में इस काम में सफलता ना मिले, पर लगातार इस काम को जारी रखने से अनुभव बढ़ता जाएगा और धीरे धीरे पैसे भी मिलनें लगेंगे। ज़मीन मकान की खरीद फ़रोक्त के काम में clients ढूँढने के लिए, अपने मित्रों, सगे संबंधियों और पड़ोसियों से शुरुआत करें। और फिर काम बढ्ने लगे तो अपनें काम और नाम का विज्ञापन भी दें,




Practically एक broker के तौर पर काम कैसे शुरू करें?  
Step-1 – सब से पहले उन लोगों का लिस्ट बना लें जिनहे अपनी कोई भी प्रॉपर्टि बेचनी हों, उस के बाद एक दूसरा लिस्ट बना लें, जिसमें उन लोगों को शुमार कर लें, जिनहे किसी प्रकार की प्रॉपर्टि खरीदनी हों।


Step-2 अब दोनों लिस्ट में से ऐसे व्यक्तिओं का चुनाव करें जिनहे, सौदा करने की जल्दी हों और उनकी प्रॉपर्टि की quality अच्छी हों। फिर उस के मुताबिक खरीददार चुनें।


Step-3 उस के बाद seller के पास जा कर अपनी ब्रोकेरेज के बारे में डील पक्की करें। ताकि वह आप की दलाली देने से मुकर ना जाए। हो सके तो एक गवाह भी साथ रखें।


Step-4 – अब buyer के पास जा कर उसका budget पूछना होता है। मान लीजिये की आप का buyer / ग्राहक एक सामान्य व्यक्ति है तो उसे करोड़ों की कीमत वाली प्रॉपर्टि दिखाने का कोई तुक नहीं बनता है। इस लिए खरीददार की खर्च शक्ति जान लें और उसकी ज़रूरत भी पूछ लें उसी के मुताबिक प्रॉपर्टि दिखाएँ। और हा,,, डील हो जाने पर कितनी ब्रोकरेज देनी होगी यह बात ज़रूर कर लीजिये।


Step-5 – एक बात हमेशा ध्यान में रखें की,,, buyer और seller के property rate में ज़्यादा difference होना नहीं चाहिए। उदाहरण के तौर पर अगर seller अपनें मकान के 20 लाख डिमांड कर रहा है और buyer 10 या 12 लाख में property मांग रहा है, तो ऐसे सौदे का होना तकरीबन ना-मुमकिन है। इसी लिए ऐसी दो party को कभी मिलाना नहीं चाहिए।




Step-6मान लीजिये की खरीद-दार और बेचने वाले में पचास हज़ार या लाख का अंतर हों तो फिर उन दोनों की बैठक (meeting) करा देनी चाहिए। इस काम के लिए खुद का घर या ऑफिस चुनें। या फिर buyer या seller का घर या ऑफिस चुने।


Step–7 – कभी भी buyer और seller को अकेला ना छोड़ें। meeting में खुद हाज़ीर रह कर, सौदा पूरा करानें की कौशीस करें। कभी कभी होता है की खरीददार और बैचने वाले,,, 5 या 25 की मामूली रकम के लिए आना-कानी करते हैं। ऐसे मामलों में एक कुशल ब्रोकर को अपनी skill इस्त्माल कर के सौदा पार लगाना होता है।


Step-8 सातवे पॉइंट वाली परिस्थिति में एक चतुर ब्रोकर को अपनें buyer को यह सलाह देनी चाहिए की,,, थोड़ा बहुत मोल-भाव कर के property खरीद लीजिये, यह अच्छी प्रॉपर्टि है। इस के दाम कुछ समय में बढ़ सक्ने के पूरे आसार है। अगर आप एक साल तक इस प्रॉपर्टि को रख कर बैच देंगे तो भी अच्छे खासे पैसे कमाएंगे। इस प्रकार से buyer को property खरीदने के लिए motivate करना होता है।


Step-9 अब मान लीजिये की खरीददार (Buyer) थोड़ा ज़्यादा देने को तैयार है, पर seller अपनी prize से हिलनें को तैयार ही नहीं है तो,,, broker को उसे इस तरह समझाना चाहिए की बैच दीजिये। कुछ ही समय में प्रॉपर्टि के दाम गिर सकते हैं। मै आप को इस से अच्छी और सस्ती प्रॉपर्टि दिलवा दूंगा। यह ग्राहक गया तो मार्केट में दूसरा ग्राहक ढूंढना मुश्किल है। वगेरा,,, Negative points आगे कर के seller को अपनी प्रॉपर्टि के दाम कम करने के लिए motivate किया जा सकता है।


Step-10 – एक बार दोनों party एक कीमत पर agree हो जाए तो फिर buyer से Token money ले कर seller को देना होता है और कच्चा सौदा fix करना होता है। उदाहरण के तौर पर मान लीजिये की 15 लाख में एक मकान का सौदा हुआ, तो Token money 50 हज़ार या 1 लाख दे कर वकील के पास स्टेम्प पर उस सौदे का agreement तैयार कराना होता है। इस काम के लिए buyer और seller के साथ ब्रोकर को जाना होता है।


Step-11 – एक बार वकील stamp पर agreement तैयार कर दे तब, खरीददार और बेचने वाला उस पर सही कर के Token money exchange कर लेते हैं। (Note- Agreement में पक्का दस्तावेज़ तैयार कराने की तारीख, पूरा पेमेंट करने की तारीख, Token money की रकम और बाकी पैसों को चुकाने की तारिक mansion की जाती है। और साथ में दूसरी ज़रूरी अन्य शर्तें अगर रखी गयी हों तो उन्हे भी लिख दिया जाता है।


Step-12 जिस दिन पक्का दस्तावेज़ सब-रजीस्ट्रार में किया जाता है तब ब्रोकर को खास साथ रहना चाहिए, चूँकि उसी दिन दोनों पार्टी पैसों का लेन-देन करती हैं। इस दिन पर बिना शरमाये ब्रोकर को अपनी दलाली मांग लेनी चाहिए। Brokerage में उधारी करने पर पैसे हमेशा डूब जाते हैं। इस लिए काम खत्म होते हिन उसी वक्त अपनी दलाली दोनों पार्टी से वसूल लेनी चाहिए।



Conclusion -
दलाली का काम ज़मीन मकान का ही नहीं पर अन्य दूसरे कामों में भी दलाली की जा सकती है। शर्त यही होती है की उस field का ज्ञान होना चाहिए, ग्राहक ढूँढना आना चाहिए और सौदा पार लगाना आना चाहिए। तथा दलाली के काम में कभी कभी ग्राहक बै-मानी करते हैं, इस लिए हो सके तो दलाली का काम लिखावट के साथ ही करना चाहिए, और दो या तीन अन्य भरोसेमंद ब्रोकर के साथ मिल कर करना चाहिए, ताकि अगर प्रोब्लेम आए तो उसे आसानी से सुलझाया जा सके। बड़े सौदे हो रहे हों तब buyer और seller अपनें दलालों को बीछ में साक्ष्य बना कर रखते हैं। ऐसे मामलों में सावधानी से काम लेना चाइए। full time broker बननें से पहले इस व्यवसाय को पार्ट टाइम work की तरह शुरू करना चाहिए ताकि अगर इस काम से लाभ ना मिले तो आय का दूसरा ज़रिया मौजूद हों।  Best Luck for Brokerage Business    
  


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Thursday, August 18, 2016

Short Biography Of Indira Gandhi इन्दिरा गांधी जीवनी


इन्दिरा प्रियदर्शिनी गांधी का जन्म 19 नवंबर, 1917 के दिन हुआ था। उनका जन्म स्थान उत्तर प्रदेश राज्य का इलाहाबाद शहर बताया जाता है। इन्दिरा की माता का नाम कमला नहरु था और उनके पिता का नाम जवाहर लाल नेहरू था। इन्दिरा गांधी नें अपनी प्राथमिक शिक्षा हासिल कर लेने के बाद विश्व-भारती विश्व विद्यालय में प्रेवेश लिया। कुछ समय बाद वह उंच अभ्यास हेतु ब्रिटेन (इंग्लैंड) गई थीं।



वर्ष 1941 में इन्दिरा गांधी इंग्लैंड से वापिस भारत लौट आई थी। और फिर उन्होने भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। इन्दिरा गांधी एक प्रभावशाली शक्षीयत और स्पष्ट वक्ता थीं। उन्होने फिरोज गांधी से विवाह किया। उन दोनों को दो पुत्र हुए थे। एक संजय गांधी और दूसरे राजीव गांधी।




इन्दिरा गांधी एक कुशल राजनेता बनी। उन्होने भारत देश के प्रधान मंत्री पद पर बने रह कर काफी प्रभाव शाली और देश हित के कार्य किए। वर्ष 1966 से ले कर वर्ष 1977 तक तीन बार उन्हे प्रधान मंत्री पद हासिल हुआ था। लगातार इतने लंबे समय तक भारत के गौरवशाली पद पर बने रह कर इन्दिरा गांधी नें साबित कर दिया था की वह कितनी उंच कोटी की राजनेता हैं।


जिस वक्त इन्दिरा गांधी की हत्या हुई तब वह चौथी बार प्रधान मंत्री के पद पर बहाल हुई थी। वर्ष 1980 में चुनाव जीत कर वह वर्ष 1984 के समय तक वर्तमान प्रधान मंत्री थी। उनकी हत्या उनही के सीख बॉडीगार्ड नें की थी। इस घटना के बाद देश में बड़े पैमाने पर दंगे हुए थे। जिसमे कई लोग मारे गए थे। इन्दिरा गांधी की हत्या वर्ष 1984 में 31 अक्तूबर के दिन हुई थी।




असामान्य प्रतिभा की मूरत, तेजस्वी और बहादुर इन्दिरा गांधी नें अपना पूरा जीवन खुमारी से जिया था। अब तक की भारत की एक मात्र महिला प्रधान मंत्री इन्दिरा गांधी लोह महिला उपनाम से प्रसिद्ध थीं। पूर्व महिला प्रधान मंत्री और महान हस्ती स्व: इंदीरा गांधी को हमारा शत शत प्रणाम।    


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Wednesday, August 10, 2016

5 small scale Business ideas – छोटे कद का बिज़नस शुरू करने के 5 तरीके


एक नया बिज़नस (Business) शुरू करने के लिए प्राथमिक ज़रूरत पैसों की होती है। काम करने के लिए अच्छी जगह, कुशल कार्यकर, एक मज़बूत प्लान और दृढ़ निश्चय होना अनिवार्य होता है। इन सभी तत्वों का संगम होने के बाद भी बिज़नस को कई परिबल असर करते हैं, जैसे की सरकारी नीति, बाज़ार का रुख, ग्राहकों का रुझान, वर्तमान फेशन, और प्रतिस्पर्धी प्रॉडक्ट का आगमन। किसी भी बिज़नस में मालिक के ऊपर कोई बॉस नहीं होता है। यह एक बड़ी राहत होती है, और येही एक बड़ी मुसीबत भी होती है। चूँकि काम-काज में जब किसी का डर ना हो तो मानसिक राहत तो रहती है पर businessman थोड़ा बे-फिकर भी बन जाता है। और इस का सीधा असर आय (income) पर पड़ता है।

नौकरी और बिज़नस में फर्क – Difference Between Job and Business

नौकरी करने पर निश्चित समय पर fix income तो हो जाती है, पर आकस्मिक income बढ्ने के chance ज़्यादा नहीं होते हैं। बोनस, सेलेरी बढ्न वगेरा में income बढ़ती है पर उसकी गति काफी धीमी होती है। business एक समंदर की तरह होता है, आप इसमे जितनी महेनत करोगे उतना ज़्यादा पा सकते हो। इस लेख में पांच चुनिन्दा बिज़नस के बारे में हम बताने जा रहे हैं जो की एक मध्यम वर्ग का व्यक्ति कम पैसों में शुरू कर के अपने लिए आजीविका (Income) कमा सकता है और अधिक परिश्रम कर के एक सफल businessman / businesswomen बन सकते हैं।



Best Five (5) Business – बहेतरीन सात बिज़नस


1-E-Bay और olx वैबसाइट पर नया और पुराना  सामान खरीदने और बैचने का काम

Ebaycom एक प्रसिद्ध वैबसाइट है जहां पर आसानी से ऑनलाइन ग्राहक ढूँढे जा सकते हैं। और अगर सस्ती चिज़े खरीदनी हों तो भी यह वैबसाइट एक उत्तम विकल्प है। नयी या पुरानी चिज़े खरीदने और बैचने का कारोबार थोड़े से पैसों से भी शुरू किया जा सकता है, और जैसे जैसे वस्तु की सही कीमत आँकने की परख बढ़ती जाए वैसे वैसे इस कारोबार को आगे बढ़ा कर अधिक पैसे कमाए जा सकते हैं। इस वैबसाइट पर चीज़ों के अलावा Paid सर्विस भी ऑफर की जा सकती है। कई लोग ऐसी online sites पर करीद-फ़रोक्त करने का full time काम कर के अपनी आजीविका (Income) कमाते हैं। येही काम olx वैबसाइट से भी किया जा सकता है।  


2-Internet पर कंटैंट लिखने का काम करें     

पैसे कमाने के लिए यह एक बहेतरीन तरीका है। अगर किसी के पास writing का टेलेंट है तो घर बैठे बैठे पैसे कमाए जा सकते हैं। आधुनिक समय में इंटरनेट पर वैबसाइट की भरमार है। और सभी वैबसाइट मालिकों के पास लिखने का टेलेंट नहीं होता है, और कुछ के पास तो समय भी नहीं होता है। ऐसे वेब masters paid writer को काम देते हैं। और उसके बदले में आर्टिक्ल की लंबाई (length) अनुसार भुगतान करते हैं। इस काम को शुरू करने के लिए सब से पहले आप के पास थोड़ी बहुत लिखने की कला होनी चाहिए। एक कम्प्यटर, इंटरनेट कनैक्शन, पैसा ऑनलाइन मंगाने के लिए एक बैंक खाता, कम्पुटर में वर्ड सॉफ्टवेर, और गूगल इनपुट language टूल (भाषा के लिए), इतना होना ज़रूरी है। इस व्यवसाय से लाखो नहीं पर हजारों तो कमाए ही जा सकते हैं।


3-Consultancy Service का काम शुरू करें

मान लीजिये की आप को Loan और money management में मास्टरी है। आप ज़मीन मकान, दुकान, वेहिकल और अन्य सामान की loan कैसे करानी है उसके बारे में खूब ज्ञान रखते हैं और पैसों को इन्वेस्ट कर के अधिक पैसा कैसे कमाया जाए इस विषय में भी आप को अच्छा खासा ज्ञान है।

तो आप Loan & Investment Consultancy खोल सकते हैं। इस कार्य मे आप को अपने ग्राहक का पैसा इस तरह इन्वेस्ट करना है जिसमे उसे बैंक इन्टरेस्ट से अधिक लाभ मिले। और Loan लेने वाले ग्राहक के पेपेर्स तैयार करना, उन्हे Loan companies में submit करना, सारी उपलब्ध Loan companies के ब्याज दर देख कर सब से फायदेमंद कंपनी से ग्राहक को लोन दिलाना और एक बार Loan पक्का (sanction) हो जाए, तब ग्राहक को installment और दूसरे लोन से जुड़े मामलों में अवगत करना, फिर loan भरपाई हो जाए तब NOC (no objection certificate) कंपनी से ले कर ग्राहक को देना वगेरा काम करने होते हैं।

Consultancy service के काम में इस तरह की services ग्राहक को provide करने का काम किया जा सकता है। इस प्रकार के काम में ग्राहक से fix fees वसूली जाती है, या लोन की रकम पर percentage % commission चार्ज किया जाता है। (EXAMPLE – 300000 की लोन करा देने पर आप अगर 1.5% commission चार्ज करते हैं तो आप को 4500 का कमीशन ग्राहक से प्राप्त होगा। और अगर Loan कंपनी नयी है तो ग्राहक ला देने पर Loan कंपनी भी consultant को कमीशन देती है। यानि आप दोनों और से कमा सकते हैं)।



4-Internet की जानकारी होने पर SEO Firm खोली जा सकती है

SEO का मतलब सर्च एंजिन ओप्टीमाईज़ेसन होता है। इंटरनेट पर कारोबार करने वाली हर एक वैबसाइट को इसकी चिंता होती ही है। किसी भी वैबसाइट की सफलता ट्राफिक पर निर्भर करती है। और अच्छा ट्राफिक वैबसाइट पर तभी आता है जब एक वैबसाइट फास्ट खुले, दिखने में आकर्षक हों, और उसमें उपयोगी या आनंद दायक कंटेन्ट उपलब्ध हों। और खास-म-खास पॉइंट- वैबसाइट का rank high होना चाहिए। ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग सर्च एंजिन में उस वैबसाइट को खोज सकें, और उस पर अधिक ट्राफिक आ सके।

इन सभी कार्यों के लिए बहुत सारी technical चीज़ों को ध्यान में रखना होता है,,, जैसे की,,,, article पोस्ट में फोटो की साइज़, उनकी संख्या, words की संख्या, लेख का heading टाइटल, सब heading, वैबसाइट का सही promotion, सही थीम / template, फास्ट run होने वाला software, और ऐसी दूसरी कई सारी SEO से जुड़ी चीज़ें।

Point यह है की अगर आप के पास SEO से जुड़ी इन सभी techniques का ज्ञान है, तो आप आसानी से SEO फर्म खोल कर अपनी सर्विस ऑफर कर सकते हैं। इस काम में अधिक investment की भी आवश्यकता नहीं होती है। आप सिर्फ अपना ज्ञान (knowledge) शेर कर के पैसे कमा सकते हैं।

(Example – मान लीजिये की किसी नें SEO फ़र्म खोला है, और आप को ई-मेल भेजा की मेरे वैबसाइट पर 100 से अधिक quality articles हैं फिर भी मुझे daily 100 से अधिक visitors का ट्रेफिक नहीं मिल रहा है। अब आप को उन्हे सब से पहले यह बताना होगा की, आप की problem solve करने के लिए उन्हे, आप को fix fees देनी होगी।  या जो भी आप ठीक समजे उस हिसाब से client को चार्ज कर सकते हैं। फिर उस ग्राहक का वैबसाइट देख कर उसमें मौजूद errors का पता लगा कर उसके बारे में ग्राहक को सूचित करना होता है, या अगर ग्राहक user और पासवोर्ड दें तो आप खुद उस वैबसाइट को repair कर के उसके बदले में पैसा (earning) कमा सकते हैं)। शर्त यही है की प्रोब्लेम का solution आप के पास होना चाहिए।



5-Security service या house cleaning का काम शुरू करें

आज के समय में लोगों को सभी चिज़े ready चाहिए। इस लिए अगर आप के ध्यान में ऐसे लोग हैं जो की छोटे मोटे कामों की तलाश में रहते हैं तो आप उन सभी का लिस्ट तैयार कर के एक फ़र्म खड़ी कर सकते हैं। और जब किसी ग्राहक को अपना घर, दुकान, या अन्य प्रॉपर्टि साफ करानी हों तो आप उस काम का contract रख कर तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं। इस प्रकार के कांट्रैक्ट सभी कामों में लिए जा सकते हैं। शर्त येही है की आप के पास management करने की (लोगों को संभालने की) कला होनी चाहिए।

कार्पेंटर वर्क, कलर काम, security सर्विस, इवैंट वर्क, हाउस क्लीनिंग, ट्रांसपोर्टिंग, प्रोमोटिंग और कई अन्य तरह के काम इस प्रकार से contract base पर किए जा सकते हैं। इस काम में भी कम निवेश से शुरुआत की जा सकती है। और आगे आगे सफलता मिलने पर काम आगे बढ़ाया जा सकता है।

(EXAMPLE- मान लीजिये की आप नें हाउस क्लीनिंग बिज़नस शुरू किया है। अब पहले आप को ऐसे लोग ढूँढने होंगे जो इस प्रकार का काम करते हों। फिर उन्हे ट्रेन करना होगा की किस तरह से काम करना है। और फिर हो सके तो एक एक uniform भी दे देना चाहिए, जिस पर आप की फ़र्म का नाम और लोगो छपवाया हों। यह बिज़नस प्रमोशन का एक बढ़िया तरीका है। अब आप को अपने कामगार (workers) के महेनताने (payment) का खर्च calculate करना है। और उसके बाद उसमें अपना नफा (Profit) जोड़ कर ग्राहक को conation देना हैं। काम मिल जाने पर अपने सारे कामगारों को साइट पर ले जा कर लिया हुआ काम पूरा कर के ग्राहक से पैसे वसूल लेने होते हैं।)।  


Conclusion-

Contract का काम करने के लिए किसी डिग्री की आवश्यकता नहीं होती पर लोगों को संभालने की सही सूझ-बूझ और मोल-भाव करने की कला होना आवश्यक है। कामगारों से सही काम लेना और ग्राहक से पूरे पैसे वसूलना यह भी आना चाहिए। बाकी ऑनलाइन वर्क में इंटरनेट की basic जानकारी काफी होती है। writing work और consultancy work में उन फील्ड्स का सही ज्ञान होना परम आवश्यक है। एक सफल बिज़नस शुरू करने और चलाने के लिए धैर्य, अथाक परिश्रम, और थोड़ी बहुत सूझ-बूझ की आवश्यकता होती है।


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Tuesday, August 9, 2016

इवैंट मैनेजमेंट का काम शुरू कैसे करें - Earn Money with Event management Business

Event management का नाम सुनकर ही कई लोग गभरा जाते हैं। हकीकत में यह एक आसान और profitable बिज़नस है, जिसे आसानी से शुरू किया जा सकता है। कई लोग शादी, सगाई, बर्थड़े पार्टी, meetings और दूसरे अन्य तरह के functions में तैयारिया करने के काम को professional इवैंट मैनेजमेंट का काम करने वालों को out source कर देते हैं, ताकि वह खुद अपने परिवार के साथ आराम से प्रसंग enjoy कर सकें।


उदाहरण के तौर पर,,,

मान लीजिये की आप नें एक इवैंट मैनेजमेंट फ़र्म खोली है और आप को एक birthday का इवैंट manage करने का ऑर्डर लेना है, तो आप को सब से पहले यह मालूम होना चाहिए की एक बर्थड़े पार्टी में क्या क्या चिज़े लगती है। जैसे की कैक, गुब्बारे, मोमबत्तियाँ, ribbons, अन्य सजावट का सामान और एक फॉटोग्राफर। अब इन सब basic चीज़ों के अलावा भी birthday पार्टी में कई सारी सुविधाएं जोड़ी जा सकती है, पर यहाँ एक उदाहरण के तौर पर सामान्य चिज़े ही mention की गयी हैं।


ग्राहक को देने के लिए इवैंट के खर्चे का पक्का अनुमान (quotation) तैयार करें,,,

जब आप को इवैंट में use होने वाली चीज़ों का अच्छा अनुमान हो जाए तब आप उन सभी वस्तुओं के भाव पता कर सकते हैं। इस तरह आप को पूरे इवैंट का खर्चा कितना होगा, इसका अनुमान आ जाएगा। फिर आप उसमें अपना नफा (Profit) जोड़ कर अपनें ग्राहक (client) को quotation दे सकते हैं। हो सकता है की ग्राहक पैसे कम करने को कहे या सुविधायेँ बढ़ाने को कहे।

अपनी सूझ-बुझ अनुसार आप थोड़ा बहुत भाव-ताल (Bargain) कर के ऑर्डर बूक कर सकते हैं। और अच्छा काम दे कर इवैंट मैनेजमेंट के काम से मुनाफा कमा सकते हैं। इस तरह आप अच्छा का काम आप को आगे और काम दिलाता जाएगा। (Note- कई बार client सारी चिज़े खुद खरीदने की ज़िद भी करते हैं, ऐसे ग्राहक से आप अपनी management कार्य की फ़ीज़ वसूल कर के सेवाएँ दे कर भी पैसे कमा सकते हैं)।




Event management  के काम में क्या क्या सावधानी रखें

1- जब भी किसी ग्राहक से किसी इवैंट का ऑर्डर लें तब ऑर्डर हमेशा लिखित में लें और शुरुआत में खुद के पैसे इवैंट में लगा रहे हैं तो customer से advance रकम ज़रूर लें। ताकि आप का ग्राहक ऑर्डर से मुकर ना जाए।

2- आप का एक बुरा काम दस जगह पर आप की नकारात्मक (negative) इमेज खड़ी करेगा। और आप का एक अच्छा काम दस जगह पर आप की ख्याति (good Image) बनाएगा। इस लिए इवैंट मैनेजमेंट के काम में हमेशा अपना बेस्ट वर्क deliver करने का प्रयास करें।

3- मुनाफा अधिक कमाने के चक्कर में काम की quality कभी ना बिगाड़े। ग्राहक के अधिक भाव-ताल करने पर काम की कीमत इतनी भी कम ना कर दें की आकस्मिक खर्च आ जाने पर आप का पूरा मुनाफा डूब जाए, या नुकसान उठाना पढ़ जाए।

4- “असभ्यता के वाण कभी भी नम्रता के कवच को कभी भेद नहीं सकते हैं” इस लिए अगर आप का ग्राहक किसी बात पर नाराज़ हो कर गुस्सा करे या बुरा बरताव करे तो जवाब में गलत बरताव कर के अपनी इमेज कभी ना बिगाड़ें। चूँकि ultimately पेमेंट उनही से लेनी है। और आप का client दूसरी जगह पर आप के बारे में जैसे review देगा उसके मुताबिक ही आप को काम मिलने हैं। इस लिए event management के काम में दिमाग ठंडा रख कर शांति से काम आगे बढ़ाएँ।

5- वर्तमान फ़ैशन और ट्रेंड के बारे में हमेशा सजाग रहें। और जितना बहेतर काम दे सकें उस से कम ही promises करें। ताकि इवैंट खतम होने के बाद आप का ग्राहक आप के काम से खुस हो कर payment करें और दूसरी चार जगह पर आप के काम का बखान भी करे।

6- अपने प्रतिस्पर्धी (competitors) पर हमेशा एक आँख जमाये रखें। आज के समय में हर एक क्षेत्र में स्पर्धा चरम पर होती है। इस लिए अगर इवैंट मैनेजमेंट के काम में सफल होना है तो मार्केट में same field में काम कर रहे प्रतिस्पर्धी क्या कर रहे हैं और कैसे काम हासिल कर रहे हैं इस की टोह लेते रहना अति आवश्यक है।

7- समयान्तर पर अपने काम का मूल्यांकन करते रहें। एक वर्ष में आप नें कितने घंटे काम किया है और उस काम के बदले आपनें कितनी गुडवील कमाई है, कितना कैश कमाया है, कितना अनुभव हासिल किया है इन सब का आंकलन करना अति आवश्यक है। इसी बात से आप को पता चलेगा की आप जो काम कर रहे हैं उसमे आगे काम जारी रखना है या कुछ बदलाव करने का समय आ गया है।

8- पैसे कमाना ज़रूरी है, पर उस से ज़्यादा ज़रूरी इज्ज़त कमाना Important है। अच्छे दोस्त और अच्छे संबंध कमाना भी काफी महत्वपूर्ण है। इस लिए अपने साथ काम करने वालों से और अपने कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति से अच्छे संबंध बनाए रखने की कौशीस करें। ताकि मुसीबत के समय में आप अकेले ना पड़ जाएँ और मदद के हाथ आप की और हमेशा बढ़ते रहें।

9- “आज नकद कल उधार” काम ज़्यादा बढ़ाने की हौड में ज़्यादा उधारी ना कर बैठें, चूँकि एक बार कर्ज़ दे दिया फिर उसे वसूलना काफी मुश्किल होता है। काम कम करें पर नकदी में ही करें। और event management के काम में तो function पूरा होते ही बिल वसूल लेना चाहिए ताकि बाद में मोल भाव कर के पैसे कट होने की नौबत ना आए।

10- किसी भी business में प्रदर्शन (presentation) एक महत्वपूर्ण अंग है। इस लिए खुद के विजिटिंग कार्ड बनाएँ। ऑर्डर लेने के लिए लेटर हैड छपवाएँ। हो सके तो छोटा सा ऑफिस भी रखें, काम काज का अलग फोन भी रखें। अपने हॅप्पी कस्टमर (satisfied ग्राहक) का लिस्ट भी रखें। लोकल अखबार में अपने बिज़नस का इश्तिहार दें। मित्रों से, संबंधियों से, जान पहचान वालों से और अन्य लोगों से मुलाक़ात कर के या फोन पर बात चित कर के अपना business promote करें। social networking websites पर अपनें connections से भी अपना business promote करें।

11- काम कर के कमाई हुई पूंजी को सही जगह पर इन्वेस्ट करें। ताकि बुढ़ापे में जब हाथ पैर कमजोर हो जाएँ तोह अपनी सामान्य जरूरते पूरी करने के लिए किसी के सामने हाथ ना फैलाना पड़े। - Best wishes for New Business


Conclusion


इस लेख के मध्यम से इवैंट मैनेजमेंट के काम को करने का basic तरीका समजाया गया है। पर जो रुल्स समजाए गए हैं वह almost सभी तरह के business में लागू होते हैं। इस लिए किसी भी बिज़नस को शुरू करने से पहले इन basic नियमों का पालन किया जाए तो लाभ अवश्य होगा। आशा है आप वांचक गण को लेख पसंद आया होगा। - “धन्यवाद”
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Paresh Barai

मेरा नाम परेश बाराई है, मै एक फूल टाइम ब्लॉगर हूँ। मेरे कुल दो वैबसाइट हैं। जिनमें एक का नाम hindifox॰com है और दूसरे वैबसाइट का नाम Pmbfox॰com है। इस वैबसाइट पर मै हैल्थ आर्टिकल्स, जनरल नॉलेज, मोटिवेशन स्टोरीस, काल्पनिक कहानियाँ, रियल घोस्ट स्टोरीस, कॉमिक स्टोरीस, फिल्म रिव्यूस, बायोग्राफी और करेंट अफ़ैर्स पर लिखता हूँ।

मेरा दूसरा वैबसाइट Pmbfox॰com Blogging, Internet, Google Adsense, Earn money, Blogspot, WordPress, Tips & Tricks, Technology, Social Media और SEO के बारे में है।


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