भैस समुदाय को गुस्सा आया – buffalo association on Fire


धरती पर रहने वाले काले, मोटे, नाटे, गोरे, अच्छे और बुरे सभी प्रकार के इन्सानों को हमारा प्रणाम। हम पूरे भैस समुदाय की और से इन्सानों के नाम यह फरियाद खत लिख रहे है। आप इन्सानों की ज्यादती के कारण हम बिलकुल काले रह गए हैं, चूँकि जिस दूध पर हमारा हक होता है वह तो आप इन्सान चूस लेते हो। और फिर कहावतों में भी हमे ही बदनाम करते हो। आज हम भैस समुदाय की और से एक सुर में यह जानना चाहते हैं की हम भेसों के साथ ये अत्याचार क्यूँ?


 
तबेले में रहते हैं पर जंगली इन्सानों कि तरह जगड़ते तो नहीं। घास खाते हैं पर घुस तो नहीं खाते। गोबर काला करते हैं पर दिल तो हमारा भी लाल है। हमारा शरीर थोड़ा भारी होता है पर हम आप की गोद में तो नहीं फुदकते । 

हम नंगे घूमते हैं पर आवारा गर्दी तो नहीं करते। डामर जैसे काले दिखते हैं पर आप से साबुन तो नहीं मांगते है। अपना दूध मुफ्त मे दे देते हैं पर बदले में हम दहीं तो नहीं मांगते आप से।  




आप इन्सान लोग बड़े अन्यायी हो,,,
कुत्ता पाला और उसने डर कर, दिन में चार बार किसी पर भोंक दिया तो वह वफादार हो गया। जैसे की हम पूरे शहर के चोरों को अपने मालिकों के घर बुलवा कर चोरीयां कराते हों।  

लोमड़ी को होशियार बोल दिया,,, अब क्या वों आप के Financial अकाउंट देख कर जाती है? या सेफ़्टी संडास में हल्की होने जाती है? या उन्होने इन्सानों के बैंक में बचत खाते खुलवा रखे हैं।    

गाय को मासूम बुलाते हो, तो हम भैसें क्या मोहल्लों में गदर मचाते फिरतीं हैं? कोई लड़की सीधी साधी हो,, तो बोलते हैं की लड़की गाय जेसी सीधी है। जैसे की हम भैसे खुरराट गुंडी बनी फिरतीं हों।    


शेर को जंगल का राजा बोलते हो,,, एक ऐसा जानवर जिसके पास पहनने के लिए ढंग की एक चड्डी भी ना हो, जिसनें कभी जिंदगी में टूथ-ब्रश ना किया हो,,,और जिसे खुद की यह मालूम ना हो की राजा का स्पेलिंग क्या है, उसे आप लोग जंगल का राजा कैसे कह देते हो? Strange


अगर किसी को कुछ बात समज नहीं आती तो बोल देते हो,,, “काला अक्षर भैस बराबर” अब किसी इन्सान का भेजा खाली है तो, इसमें हम भेसों की Education की अम्मा आंटी क्यूँ? और हम भैसे अनपड़ हैं, तो क्या बाकी के जानवर oxford university से डिग्री ले कर आए घूम रहे हैं? How Foolish।  




Bone vita डाल डाल कर बच्चों को दूध हम भेसों का गटकवाते हो और जब essay लिखने की बारी आती है तो,,, बोलते हो की,,, बेटा गाय पर Essay लिख,, बेटी हाथी पर Essay लिख, घोड़े पर लिख, शेर पर लिख। हद्द है,,,


कोई लड़की या लड़का दिखने में कालें हों तो “भैस जैसा रंग” कोई मोटा हों तो “भैस जैसा अंग” अब हम काले और मोटे हैं तो क्या करे? मर जाए?


हमें सब कोसते और टोकते रहते हैं, क्रिस गैल को तो कोई कुछ नहीं कहता,,, अजय देवगन और काजोल को भी कोई कुछ नहीं कहता। बस हम भेसों को ही Target किया जाता है।    


कोई कुड़ दिमाग इन्सान गलती करे,,, और वाट हमारी लगे,,, जैसे की आप वोह बोलते हों ना,,, “गई भैस पानी में” अब हम नहाये भी ना,,,? और हम पानी में जाते हैं तो क्या बाकी के जानवर फ्रूट सैलड में जाते हैं? तेल की कढ़ाई में जाते हैं? सारे पानी में तो जाते हैं, फिर हमारी ही इज्ज़त का फ़लूदा क्यूँ?


कई बार एक कहावत बोली जाती है “भैस के आगे बीन बजाना” अरे तो मत बजाओ ना,,,। हमने कब कहा की हमारे आगे पीपुंडी बजाओ। नहीं है म्यूजिक की समझ,,, अब क्या करें। 

और हाँ हमारे आगे बीन बजाने से हमें कुछ समझ नहीं आता तो,,, जाओ कुत्तों गधों और घोड़ों के आगे बजा कर देख लो,,, वोह तो शास्त्रीय संगीत और सितारवादन पर PHD कर के घूम रहे हैं ना,,, नहीं? Huh


Conclusion

वैसे तो आज के समय में इन्सान की जात से रहेम और न्याय की उम्मीद करना बेकार है, पर फिर भी यह सब बताना ज़रूरी था। अंत में हम भेसों का एक ही निवेदन है की या तो हमारी सेवाएँ लेना बंद कर दो,, और नहीं कर सकते तो बात बात पर हमारा अपमान करना छोड़ दो। वरना दूध की जगह डामर देना शुरू कर देंगे।- भैस Association
भैस समुदाय को गुस्सा आया – buffalo association on Fire भैस समुदाय को गुस्सा आया – buffalo association on Fire Reviewed by Paresh Barai on 2:32:00 AM Rating: 5

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