Tuesday, September 13, 2016

कुत्ते पर हास्य निबंध Funny Essay on Dog


कुत्ता एक पालतू जानवर है। कुत्ता सकड़ों पर विहार करने वाला मासूम प्राणी है। कुत्ता नींद ना आने पर रात को कई बार भई राग गा कर लोगों को जगा देने का काम भी करता है। कुत्ते को चार पैर होते हैं, लेकिन खंभा नज़दीक आते हि कुत्ता तीन पैरों पर योगा-प्राणायाम शुरू कर के खंभा सिंचन सेवा कार्य में लीन हो जाता है।



भोजन देख कर कुत्ता अपनी पुंछ left और राइट में ज़ोर ज़ोर से हिलाता है, इस रहस्य मय हरकत के दो कारण हो सकते हैं,,, या तो कुत्ता गेस विसर्जन कर के पेट में खाने की जगह बनाना चाहता है, या फिर यह कह ने की कोशिस कर रहा है की यह नहीं चीज़ नहीं खानी है, कुछ अच्छा लाइये।

# राष्ट्रिय पशु बाघ के बारे में रोचक जानकारी

# एक शातिर लोमड़ी जिसने भूगता अपनें कर्मों का फल 

# ये मोटी दबंग है - सविता भाभी की हास्य कहानी  

वैसे तो कुत्ता वफादार जानवर कहा जाता है, पर फिर भी उसकी पूछ पर पैर रख दिया जाए कुत्ता अपनी वफादारी की भावना की,,, एक दो तीन कर के,,, तभीयत के साथ काट खाता है।

कुत्ते की सूंघने की शक्ति ला-जवाब होती है। इस लिए कई कुत्तों को गवर्नमेंट जॉब भी मिल जाती है। (यहाँ सिर्फ चार पैर वालों की बात हो रही है, हाहाहा)।



कई लोग खुद बासी रोटी खा लेते हैं पर अपने कुत्तो को pedigree food खिलाते हैं। कुत्ते की दुम टेढ़ी होने के पीछे यह गूढ रहस्य है की,,, दुम सीधी होती तो वह कौनसा गोल्ड मेडल जीत लेता।       
अपनें तै किए मोहल्ले में अन्य दूसरे कुत्ते के आगमन पर,,, स्थानिक कुत्ता इस तरह भड़क जाता है जैसे,,, की वह उस पूरी ज़मीन का Registered ज़मीन दार हों।

एक साथ खाना, खंभों को सूखा रहने देना, रात को जल्दी सोना, अपनी पूछ को सीधी और स्थिर रखना, यह सब कुत्तों की परंपरा के सख्त खिलाफ है, और अपशुकन माना जाता है।  

वैसे तो कुत्ते शांत जानवर होते हैं,,, पट दो तीन दिन तक खाना ना मिले तो,,, इलाके में घुस आने वाले किसी अनजान आदमी को, बिना मरज़ी एकाद किलो मिटर किसी भी तरफ दौड़ा सकते हैं।

कुत्ते कई बार,,, बाइक, कार, और ट्रक के पीछे दौड़ते भोंकते हुए देश की बिगड़ती पर्यावरण व्यसथा के खिलाफ आवाज़ उठाते देखे जा सकते हैं।  

कई प्रख्यात अभिनेता “कुत्ते मै तेरा खून पी जाऊंगा” नामक संवाद बोल बोल कर कुत्तों को भड़काते रहते हैं। पर यह कुत्तों की दरियादिली है की वह celebrates की तरह मीडिया में जा कर “असहिस्णुंता” का राग नहीं आलापते हैं।

कुछ प्रसिद्ध dialog पर कुत्तों को एतराज-


1-कुत्ते मै तेरा खून पी जाऊंगा।
कुत्ता: भई शरबत पी, चाय पी, हमारा खून क्यूँ? हमनें कोनसी तेरी बेटी भगाई है।  

2-कुत्ते की मौत मरोगे।
कुत्ता: हम ऐसी कौनसी खतरनाक मौत मरते हैं जो हमारी मौत की technique से तुम इंसान लोग एक दूजे को डराते रहते हो?

3-तुम्हारी फितरत कुत्ते जैसी है –
कुत्ता: गलत,,, हमारे जैसी फितरत होती तो तुम इंसान वफादार ना होते।

4-कुत्ते की तरह यहाँ वहाँ मुह मारते हो –
कुत्ता: हम पर उंगली उठाने वाले तुम लोग होते कौन हो,,, तुम इन्सानों में divorce और दूसरी शादीयां नहीं होती?

5-तू कुत्ता है –
कुत्ता: चार पैर, टेढ़ी पुंछ चार नुकीले दाँत और छोटा कद,,, यह सब क्वालिटी होने पर ही महा-माहिम कुत्तेस्वर कुमार या कुमारी का पद हासिल होता है। इस लिए किसी ऐरे-गेरे इंसान को यह उप्मा दी जाए इस से हमें ऐतराज है। 

Note- यह लेख केवल एक हास्य लेख है। इसे Entertaining कंटैंट की तरह पढे – keep Laughing -TC       

       
loading...

0 comments:

  © Blogger templates The Professional Template by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP