Mahatma Gandhi बापू का लाइफ स्टाइल: राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी के फिटनेस का राज़

महात्मा गांधीजी (Mahatma Gandhi) का जीवन लाखो करोड़ो लोगों के लिए आदर्श समान है। भारत देश जब गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था तब गांधीजी नें कई बार अहिंसक आंदोलन चलाये थे। कई बार गांधीजी नें शारीरिक और मानसिक यातना सेह कर बहादुरी का परिचय दिया था। अब बड़ा सवाल यह है की आखिर गांधीजी (Mahatma Gandhi) मानसिक और शारीरिक रूप से इतने प्रबल सक्षीयत कैसे बन पाये। आखिर गांधीजी भोजन में खाते क्या थे। इसी बात की जांच पड़ताल करते हुए हमने पाया की गांधीजी (Mahatma Gandhi) भोजन में और अपनी दिनचर्या में चुस्त डाएट प्लान का अनुसरण करते थे। जो कुछ इस प्रकार था।

  1. प्रति दिवस महात्मा गांधीजी (Mahatma Gandhi) गुनगुने पानी में शहद और नींबू रस मिला कर पीते थे। जिस कारण उनके शरीर पर कभी अतिरिक्त चरबी का जमावड़ा हुआ नहीं। और विषैले तत्व भी शरीर में डेरा जमा नहीं सके। जिस कारण वह बीमार भी कम पड़ते थे।
  2. गांधीजी प्रति दिन पैतालीस ग्राम किशमिशी भी खाया करते थे। किशमिश खाने से उन्हे दिल के रोगों से रक्षण मिलता था और पूरा दिन चुस्ती फुर्ती महसूस होती थी। किशमिश खाने से गांधीजी (Mahatma Gandhi) की हड्डियाँ और मांसपेशीयां लंबे समय तक मज़बूत बनी रही। इसी कारण वह लंबी दूरी तक बिना थके चलते जाते थे।
  3. गांधीजी (Mahatma Gandhi) प्रति दिवस नौ सौ एम एल नारियेल के मिल्क का सेवन किया करते थे। जिस कारण उन्हे त्वरित ऊर्जा मिलती थी। और ऋतुओं के बदलने से होने वाले रोगों से रक्षण मिलता था।Mahatma Gandhi
  4. महात्मा गांधीजी (Mahatma Gandhi) भोजन में सरसों, मुली की भाजी, सुवा, खीरा, चकवट और दूधी खाया करते थे। इसी कारण उन्हे शरीर में कभी विटामिन, और मिनरल्स की कमी महसूस नहीं होती थी।
  5. गांधीजी (Mahatma Gandhi) प्रति दिवस अपने नाश्ते में या दो पहर के भोजन में करीब सौ ग्राम चना अथवा अंकुरित गेंहू खाते थे। इन दोनों खाध्य पदार्थ में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। जिस से उनकी पाचन प्रणाली मज़बूत बनी रही। और गेंहू और चना में न्यूट्रीएंट्स भी होता है जिस कारण गांधीजी लंबी उम्र तक जटिल बीमारीयों से बचे रहे।
  6. गांधीजी आएदिन बादाम का हलवा भी खाते थे। जिस कारण उन्हे मधुप्रमेह और दिल के रोगों से रक्षण मिलता रहा। इसके साथ गांधीजी (Mahatma Gandhi) रोजाना साबुत बादाम भी खाया करते थे।
  7. प्रति दिवस अट्ठाईस ग्राम शहद अपनी डायट में ले कर गांधीजी खुद को सभी प्रकार के चर्म रोग से सुरक्षित रखते थे। इसी कारण उनका शरीर कई तरह के बेकटेरिया से भी सुरक्षित रहता था।
  8. गांधीजी हर दिन करीब दो सौ एम एल गाय का ताज़ा दूध पिया करते थे। कैलश्यम दूध पीने से गांधीजी के दाँत और हड्डियों को मजबूती मिलती थी।
  9. गांधीजी (Mahatma Gandhi) दूध के साथ घी को भी अपने डाएट में रोजाना शामिल करते थे। घी उन्हे एनर्जी प्रदान करता था। और हड्डियों के रोग से सुरक्षित रखता था। इनके अलावा महात्मा गांधीजी ताज़े फल भी रोज़ खाया करते थे। जिस कारण उनका स्वास्थ्य अच्छा बना रहा था।

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