Bounce Rate क्या होता है और इसे कम कैसे करें

Blogging क्षेत्र मेन Bounce rate का बड़ा महत्व है। शायद आम internet user को इस शब्द के बारे में जानकारी नहीं होगी। लेकिन एक blogger को अपने website का bounce rate कंट्रोल में रखना बहुत ज़रूरी होता है। किसी भी successful वैबसाइट का bounce rate बहुत कम होगा। और किसी सामान्य साधारण क्वालिटी की website का bounce rate बहुत ज़्यादा हो सकता है। अपने ब्लॉग का bounce rate check करना है तो उसके लिए alexa नाम के वैबसाइट पर जाना होगा। वहाँ जा कर URL बॉक्स में किसी भी वैबसाइट या ब्लॉग का नाम डालने पर उसका Bounce Rate और अन्य ज़रूरी जानकारी हासिल की जा सकती है। जिन वैबसाइट का bounce rate एक से दस प्रतिशत होगा वह बहुत कामयाब वैबसाइट होंगी। और जिन वैबसाइट का bounce rate दस से चालीस प्रतिशत होगा वह सामान्य से अच्छी वैबसाइट कही जा सकती हैं। और चालीस से अस्सी प्रतिशत bounce rate वाली वैबसाइट साधारण कक्षा की website कही जा सकती हैं। याद रखें की bounce rate जितना कम होगा। website उतनी ही सफल होगी।

Bounce Rate कब बढ़ता है

किसी वैबसाइट पर जब visitor आत है तब वह बिना किसी अन्य page पर क्लिक किए उस website को छोड़ कर चला जाता है तब bounce rate बढ़ता है। अगर किसी visitor को website अच्छा लगता है तो वह उस page पर रुक कर उसे पढ़ेगा। और उस page में दी गयी अन्य article की लिंक भी खोलेगा। इस तरह की प्रवृति search engine को ऐसा सिग्नल देती है की उस website पर कुछ अच्छा quality वाला कंटैंट मौजूद है जिस कारण reader उस website के अलग अलग pages देख, पढ़ रहा है। ठीक उसके उलट अगर visitor सिर्फ एक page देख कर website छोड़ जाता है तो search engine को यह signal मिलता है की, उस website का layout और कंटैंट इतना अच्छा quality वाला नहीं होगा जिस कारण visitor उस website से जल्द अगल हो कर चला गया। इसी तरह आसान शब्दों में कहें तो visitor को कम लुभाने वाली website पर link surf बेहद कम होता है जिस कारण bounce rate बढ़ जाता है।

Bounce Rate

Bounce Rate बढ़ जाने के मुख्य कारण क्या है।

  • अगर website के page का loading time बहुत ज़्यादा है तो visitor page खुलने से पहले ही चले जाते हैं। और इस कारण bounce rate बड़ी तेज़ी से बढ़ सकता है। वैबसाइट का page 1 second में load हो जाता है तो best है। 1 से 3 second में load होता है तो ठीकठाक है। 3 से 7 second में page load होता है तो उस ब्लॉग का performance बहुत ही साधारण ब्लॉग होगा। और अगर किसी ब्लॉग को load होने में 7 second से अधिक लगते हैं तो फिर उस website का successful होना बहुत ही कठिन है।
  • ब्लॉग के outlook में अगर भड़कीले कलर होंगे या फिर font का size गड़बड़ हुआ तो visitor irritate हो कर website छोड़ कर चले जाते हैं। ज़्यादा Animation और बिना वजह के photos और videos कंटैंट की quality को effect करते हैं। कई बार अच्छा कंटैंट लिखने के बावजूद गलत presentation के कारण bounce rate बढ़ जाता है।
  • किसी भी article पर click चाहिए तो उसका Title बहुत ही आकर्षक होना चाहिए। visitor को heading link पढ़ कर उसके बारे में पढ़ने में उत्सुकता जागनी चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो visitor click नहीं मिलते हैं।
  • छोटे लेख में अधिक विज्ञापन भी bounce rate बढ़ने का एक मुख्य कारण है।
  • Blog अगर responsive नहीं हुआ या mobile friendly नहीं हुआ तो bounce rate बढ़ेगा। चूँकि 10 में से 8 user mobile से ही website पर आते हैं।
  • Article पर जब internal लिंक डालें तो उसमें ऐसा setting रखें की वह नयी link दूसरे page पर खुले। ऐसा होने पर दोनों page खुले रहेंगे और visitor ब्लॉग पर ज़्यादा समय spend करेगा।

Blog का Bounce Rate कैसे घटाया जा सकता है

  1. Quality Content – इस समस्या का सब से बड़ा समाधान यह है की quality content लिखें। जिस भी topic पर लिख रहे हैं उस पर पूरा research कर के सही सही जानकारी प्रदान करने का प्रयास करें।
  2. Simple Writing Method – कंटैंट की भाषा बहुत ही सरल रखें। पूरे लेख को अलग अलग हिस्सों में बाँट कर विस्तार पूर्वक जानकारी लिखें। एक article में heading और subheading का बहुत महत्व है।
  3. True Information – ब्लॉग पर आने वाले Visitor का भरोसा ना तोड़ें। article के heading में कुछ और लिखें और अंदर कंटैंट किसी और subject पर हुआ तो, इस प्रकार की चीटिंग bounce rate को बढ़ा सकती है। ऐसा ना हों इस लिए सही सही जानकारी प्रदान करें।
  4. Write On One a specific niche – एक subject पर बनी website का bounce rate कम हो सकता है। अगर ब्लॉगर सभी subjects पर content लिखेंगे तो visitor बोर हो कर भाग जाते हैं। उदाहरण के तौर पर एक ब्लॉगर ब्लॉगिंग से जुड़े प्रश्नों के समाधान ढूंढ रहा हों और उसके बीछ में आयुर्वेदिक उपचार के लिंक और आर्टिक्ल display होंगे तो वह उस page पर ज़्यादा देर तक नहीं रुकेगा। इस लिए सभी niche पर एक ही ब्लॉग में लिखने की भूल ना करें।
  5. Error Free content – article के पहले paragraph पर या Heading में ग्रामेटिकल mistake हुआ तो ब्लॉग का impression गलत चला जाता है। visitor उस ब्लॉग को घटिया quality वाला ब्लॉग Rate कर के वहाँ से चला जाता है। इस problem से बचना है तो content हमेशा चार बार check कर के सही व्याकरण के साथ ही पब्लिश करें।
  6. Publish Regular content – कई बार अच्छी quality के ब्लॉग का Bounce rate बढ़ जाता है। इस का कारण यह हो सकता है की उन ब्लॉग पर content regular पब्लिश नहीं होता है। visitor नये लेख की आस में website पर आता है और नये लेख को नहीं पाता है तब वह फौरन website से चला जाता है और इस तरह अच्छी वैबसाइट होने के बावजूद Bounce rate count हो जाता है। इस परेशानी से बचने के लिए regular post update करें।
  7. Original content – अगर Readers को किसी website में कुछ नयापन नहीं मिला तो वह उस website पर पब्लिश हुए लेख पढ़ते नहीं है। कई blogger popular website के content को तोड़-मरोड़ कर पब्लिश करते रहते हैं। ऐसा करने से visitor heading पढ़ कर ही भाग जाते हैं। चूँकि वह लोग पहले ही उस प्रकार का लेख किसी अन्य website में पढ़ चुके होते हैं। आप के ब्लॉग के साथ ऐसा ना हों इस लिए अच्छी क्वालिटी वाला original content ही पब्लिश करें।

विशेष – Internet पर हर विषय पर ढेर सारे लेख मौजूद है। ऐसे में Bounce Rate का कम ज़्यादा होना आम बात है। पूरे लेख का यही निचोड़ है की उपयोगी कंटैंट अधिक पढ़ा जाएगा। और रीडर्स उसको share भी अधिक करेंगे। successful bloggers जिस तरह point to point अच्छी information वाले articles publish करते हैं। उसी तरह सभी bloggers को well researched articles पब्लिश करने चाहिए। ताकि ऐसे article search engine में आगे स्थान प्राप्त कर सकें और readers इन articles अधिक से अधिक पसंद करे। – धन्यवाद

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