आलम आरा : भारतीय सिने जगत की पहली बोलती फिल्म

आलम आरा : भारतीय सिने जगत की पहली बोलती फिल्म

  1. 14 मार्च 1931 के दिन मुंबई के मेजेस्टिक सिनेमा में पहली भारत की बोलती फिल्म आलम आरा का प्रदर्शन हुआ था।
  2. इस फिल्म को ले कर इनती उत्सुकता थी की, भीड़ काबू करने के लिए पुलिसकर्मीयों को पब्लिक पर लठियाँ चालानी पड़ी।
  3. उस समय साउंड प्रूफ स्टुडियो ना होने के कारण शूटिंग ऐसे समय की जाती थी जब माहौल पूर्ण तरह से शांत होता था।
  4. फिल्म आलम आरा में कुल मिला कर 7 गाने थे। जिनमें से “दे दे खुदा के नाम पर” गायन बहुत प्रसिद्ध हुआ था।
  5. उस समय सारा फिल्मांकन प्रत्यक्ष ही होता था। रेकॉर्ड की हुई फिल्म से कोई काँट-छाँट संभव नहीं थी। इस लिए फिल्मांकन अत्यंत जटिल काम हुआ करता था।
  6. आलम आरा फिल्म के नायक विट्ठल पढे लिखे ना होने के कारण उन्हे हीरो के रोल से निकाला गया था। तब उसने फिल्म कंपनी पर केस कर दिया। विट्ठल मास्टर वेतन पाने वाले मुलाज़िम होने के कारण उन्हे मुकदमे में जीत मिली और वह फिल्म के नायक बने।
  7. उस समय प्लेबेक सिंगिंग का चलन नहीं था इस लिए फिल्म में काम करने वाले कलाकारों को खुद ही गाना गाना पड़ता था।
  8. आलम आरा फिल्म में काम कर चुके या इस फिल्म को देखने वाले शायद ही कोई आज ज़िंदा बचे होंगे। यह एक ऐतिहासिक फिल्म के तौर पर याद की जाती है।
  9. यह फिल्म पारसी नाटकों की तकनीक का सुदृढ़ अवतार था। उस समय पारसी नाटक का महत्तम चलन था।
  10. आलम आरा फिल्म फिल्म जगत की निव समान है। दुख की बात यह है की आज के समय में इस हिस्टोरीक फिल्म की कोई प्रिंट उपलब्ध नहीं है।

alam ara

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