बड़ी खबर : H1N1 स्वाइन फ्लू की रोकधाम आयुर्वेदिक उपचार से संभव है

दोस्तों, स्वाइन फ्लू H1N1 कितनी बड़ी और गंभीर बीमारी है यह बात हम सभी जानते हैं। यह बीमारी श्वास के माध्यम से भी फ़ैलती है इसी लिए यह बहुत ही घातक सिद्ध हो सकती है। H1N1 स्वाइन फ्लू से ग्रस्त व्यक्ति को बुखार, सरदी, जुकाम अनिंद्रा, मांस पेशीयों में दर्द, थकान कफ ख़ासी और सिर में तेज़ दर्द की शिकायत के प्राथमिक लक्षण सामने आ सकते हैं। इस जटिल बीमारी से बचाव हेतु तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। और यह रोग हो ना पाये इसके लिए आयुर्वेद के कुछ सिद्धांत अपना कर अदरक का ईस्त्माल करना चाहिए। तो आइये जानते हैं की H1N1 स्वाइन फ्लू से रक्षण पाने के लिए क्या करें।

H1N1 स्वाइन फ्लू से बचाव करने के घरेलू नुस्खे

  1. पानी में सेधा नमक डाल कर उसे पीजिए।
  2. सोने से पूर्व दूध में थोड़ी दालचीनी काली मिर्च और हल्दी डाल कर पीजिये।
  3. रुमाल में थोड़ा कपूर और पिपरमेंट रखें। और उसे सूंघते रहें। ऐसा करने से आप को स्वाइन फ्लू का इन्फेक्शन नहीं लग सकेगा।H1M1
  4. अदरक, लोंग, और तुलसी को पानी में डाल कर उबालें। और थोड़ा ठंडा पड़ने पर उसमें ज़रा सा शहद मिला लें फिर यह काढ़ा पीजिये।
  5. प्रति दिवस गिलोय का काढ़ा बना कर पीना चाहिये। या तुलसी के पान चबा चबा कर खाने चाहिए, तुलसी का काढ़ा भी रोज़ पीना अच्छा रहता है।
  6. कपूर में गाय का शुद्ध देशी घी और मिश्री डाल कर पीने से भी स्वाइन फ्लू का रोग नहीं होता है।H1M1
  7. आंवला पावडर पानी में मिला कर पीने से भी स्वाइन फ्लू से रक्षण मिलता है।
  8. आसपास सफाई रखना चाहिए। घर से बाहर जाते वक्त नाक पर और मुह पर रुमाल रखना चाहिए। और घर आने के बाद हाथ मुह और चेहरा लिक्विड साबुन से अच्छे से धोना चाहिए।

पोस्ट अच्छी लगे तो Like और Follow करें। और अपने शरीर की जांच डॉक्टर से निरंतर समय पर करा कर सुरक्षित रहें। धन्यवाद।

2 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *