Kapoor Ke 12 कमाल के लाभ क्या जानते हैं आप?

आयुर्वेद शास्त्र अनुसार कपूर (Kapoor)अत्यंत गुणकारी होता है। इस वस्तु से छोटी मोटी बीमारियाँ दूर करने में मदद मिलती है। कपूर किसी भी बड़ी किराने की दुकान पर सस्ते भाव में मिल जाता है। कपूर का दिया भी जलाया जाता है। दात दर्द और कान के दर्द को दूर करने के लिए भी कपूर बहुत उपयोगी होता है। पूर्व काल में ऋषि मुनि इस पदार्थ का बहुत उपयोग करते थे। आज भी कई लोग अपने घर में निरंतर इस पदार्थ को रखते हैं। आइये जानते हैं गुणकारी कपूर का इस्त्माल कैसे करनें से हमारी सेहत को लाभ मिलता है।

  1. नारियेल के तेल में थोड़ा सा कपूर (Kapoor) मिश्रित कर के शरीर पर लगाने से खाज-खुजली की समस्या दूर हो जाती है। कपूर बेकटेरिया (सूक्ष्म जीवाणु) नाशक पदार्थ है। इस लिये कपूर को जलाने से धुए में मौजूद संक्रामक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं और चेपी रोग का खतरा टल जाता हैं।
  2. दांतों के दर्द की शिकायत रहती हों तो कपूर (Kapoor) का चूर्ण उस जगह पर मलने से फौरन आराम मिलेगा। त्वचा पर अगर किसी घाव के निशान पड़े हैं या फिर फोड़े फुंसी होते रहते हैं तो कपूर को नारियेल तेल में मिश्रित कर के लगा लें। इस प्रयोग से चहरे की सुंदरता वापिस लौट आयेगी और आगे कभी इस प्रकार की तकलीफ होगी ही नहीं।
  3. अजवायन, कपूर और पिपेरमेंट को एक सामन मात्र में ले कर अच्छे से पीस लें और इस मिश्रण को एक दीन तक धूप में सूखा लें। अब इस मिश्रण को थोड़ा थोड़ा कर के पानी के साथ पी लें। इस प्रयोग से दस्त की समस्या दूर हो जाती है। याद रहे की मिश्रण की कुछ बूंद (तीन या चार) ही पानी में मिलाएँ।  Kapoor
  4. फटी एड़ियों की तकलीफ रहती हों तो गरम पानी में थोड़ा नमक डाल कर उसमें थोड़ा सा कपूर मिला लें और पानी गुनगुना हो जाने के बाद उसमें अपने दोनों पैरों को डाल कर सेक लें। इस प्रक्रिया के बाद अपने पैरों को अच्छी तरह से साफ कर सूखा लें और त्वचा को नरम बनाने वाली कोई आयुर्वेदिक क्रीम लगा लें। इस प्रयोग से पैर मुलायम और सुंदर बन जाएंगे।
  5. तिल के तेल में कपूर (Kapoor) मिला कर सिने और सिर पर मला जाये तो सर्दी जुकाम की समस्या दूर हो जाती है। घर में तिल का तेल ना हों तो उसकी जगह नारियेल का तेल भी उपयोग किया जा सकता है।
  6. मानसिक तनाव से जुज़ रहे व्यक्ति को ऑलिव ऑइल में थोड़ा कपूर (Kapoor) मिला कर सिर पर मालीश करनी चाहिये।
  7. अगर किसी को आग में जलने की दुर्घटना हुई है तो पीड़ित को जलन की जगह पर कपूर (Kapoor) का तेल लगाना राहत देता है।
  8. मुह के छाले पड़े हैं तो देसी घी के साथ कपूर मिला कर मुह में लगाएँ। यह उपाय करने से मुह के छाले दूर होंगे और मुह से दुर्गंद आती हों तो वह भी चली जाएगी।
  9. बालों में रूसी हुई हों या जुए पड़ गयी हैं तो नारियेल तेल में कपूर मिला कर सिर पर मालीश करने से लाभ मिलता है। इस प्रयोग से बाल काले घने और मजबूत भी बनते हैं।
  10. अपाचन या गैस के कारण पेट दर्द की समस्या रहती हों तो अजवायन डाल कर एक गिलास पानी उबाल ले और फिर जब पचास प्रतिशत पानी रह जाए तब उसमें कपूर (Kapoor) डाल दें और पानी को थोड़ा ठंडा यानी गुनगुना होने देने की राह देखें। पानी पीने लायक ठंडा हो जाये तब उसे पी लें। यह प्रयोग पेट के कई रोगों से छुटकारा दिला सकता है।
  11. चहरे की सुंदरता बढ़ानी हों तो कच्चे दूध के साथ थोड़ा कपूर (Kapoor) का पाउडर मिला कर सुबह में या रात को सोते समय चहरे पर लगाएँ। इस प्रयोग से मुख की सुंदरता में बढ़ोतरी होगी। 

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