महिला मित्र की खोज में जुटे उत्साही एकांकी लड़कों के प्रकार और वर्णन | Types of Single Crazy Lovers In Hindi | Romeo Types In Hindi

दोस्तों
आज हम आप को बताने जा रहे हैं ऐसे सिंगल लड़कों के बारे में जो पुरज़ोर मेहनत कर रहे
हैं किसी महिला साथी से दोस्ती करने की। पर किसी कारण उनकी दाल उबल नहीं रही है। या
फिर ऐसे बर्बाद आशिक जो किसी हसीना से धोखा खा कर दुनिया से मुह मोड बेठे हैं। साक्षिप्त
में कहें तो इस लेख में आप को तरह तरह के आशिकों के रूप और उनके बर्ताव की जानकारी
हास्य तड़के के साथ बताने जा रहे हैं। अब आइये ऐसे महान व्यक्तियों के बारे में
विस्तार से चर्चा करें।

लड़कियों से घिरा रहने वाला देवदास आशिक

हम
जब स्कूल में पढ़ते हैं या कॉलेज में होते हैं तो एक ऐसा लड़का होता है जो हमेशा
लड़कियों के आसपासा रहता है। इस तरह के प्राणी को यह गलतफैमि होती है की लड़कियां
पटाना तो इसका चुटकी का काम है। पर इसे अभी किसी की ज़रूरत नहीं। (जूठा कहींका) और
यह खुद को सुपर कुल डूड (भगवान जाने यह डूड बला की खोज किस पागल नें की) है। इन्हे
लड़कियों की बातें सुनने में और उनके नाश्ते में मुह मारने में वर्ल्ड कप जीतने
जितना मज़ा आता है।

जुण्ड में रहने वाले
टपोरी आशिक

इस
प्रकार के प्राणी जानते हैं की, साधारण घर की लड़की हमसे पटनी
नहीं। और बड़े लेवल की क्लासी लड़की हमें भाव देनी नहीं है। इस लिए यह लोग टपोरीपना
कर के अपनी भड़ास निकालते रहते हैं। ऐसे जीव आप को हर एक मोहल्ले के नुक्कड़ पर किसी
बैच पर लटकते हुए मिल जाएंगे। इन फुकरे आशिकों से ज़्यादा कुछ होना जाना है नहीं, फिर भविष्य में पता चलता है की इनमें से आधे आपस में सेट हो गए, और आधे नाकाम प्यार के गम में गाँजा, बीड़ी फूंकने
लगे। और थयेटर मुकेश की तरह गुठका चबाते कैंसर से शहीद हो गए।

दिलजले सिंगल आशिक

कुछ
सिंगल लड़के “जले हुए” होते हैं। मेरा मतलब दिल जले होते हैं। इन्हे किसी लड़की नें
बड़ी छोटी उम्र में बूच लगा दिया होता है, उसी गम की आह में
और याद में यह लोग अपनी आधी जवानी बर्बाद कर चुके होते हैं। और बाकी बची आधी जवानी
दूसरी बंदरी, सोर्री सुंदरी ढूंढने में लगा देते हैं। इस
प्रकार के लोग दूसरों की शादी की खुशी में नाचने तो जाते हैं पर, अपने खुद के दिल में, लूटी उजड़ी प्रेम कहानी ही उधम
मचा रही होती है। इन्हे खुद की पलित हुई प्रेम अगन में पता तक नहीं चलता की बारात
आ चुकी, खाना खा चुकी अब बिदाइ का टाइम है। रोना रसकना चालू
हो चुका है। अभी भी इनका बंदरबाजी नाच बंद बंद नहीं होता है।

सोशल मिडया के भूत सिंगल
आशिक

अब
बात करेंगे सोशियल सक्रिय कीड़े टाइप सिंगल लड़कों की। ऐसे लड़के रास्ते पर चलते, टीवी देखते, खाना खाते,
बिस्तर पर सोते, चड्डी पहनते, हल्के
होते, नहाते, सारे वक्त फोन पर सोशल
मीडिया में घुसे रहते हैं। इन्हे सब को हाय हैलो बोलने में बड़ा मज़ा आता है। और छिक
आई, या हवा छूटी इन्हे सब शेयर करना है। यह लोग तब अधमरे से
हो जाते हैं जब अचानक इनके फोन की बैटरी मर जाती है। या इंटरनेट ऑफ हो जाता है।

सनकी और जिद्दी आशिक

यह
लोग बड़े सच्चे आशिक होते हैं। ऐसे लोगों का प्यार बहुत गहरा होता है। (शायद शहर की
म्युंसिपालिटि की सब से गहरी गटर से भी गहरा) इन लोगों में प्यार के साथ साथ
गुस्सा भी होता है। खुद के प्यार का गम इन्हे इस कदर मानसिक अस्थिर कर जाता है की, यह अब विश्व की हर छोटी, बड़ी,
ऊंची, नाटी, काली, गोरी लड़कियों से दोस्ती कर के उसे ठीक उसी तरह छोड़ देना चाहते हैं जैसे
उन्हे उनकी माशूका नें लात मार कर छोड़ा था।

 

नोट
– मित्रों यह एक हास्य लेख है। कोई सच्चे आशिक इन बातों को दिल पर ना लें। बस इसे
पढ़ कर खुद के चेहरे पर थोड़ी हसी लाने की कोशिश करें। और अगर बुरा लग जाये तो घर जा
कर दो रोटी ज़्यादा खा लीजिये। हमारा पता ढूँढने या हमें पकड़ कर धोने का इरादा ना
रखें। हम आप के हाथ नहीं आने हैं। कीप स्माइलिंग। धन्यवाद।

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