Gorilla Glass क्या है, जानिए इस दमदार Glass की Making और History

वर्तमान समय में उपयोग में आने वाले टच स्क्रीन मोबाइल में इस मज़बूत काँच का उपयोग होता है। यह Gorilla glass (गोरिल्ला ग्लास) तैयार होते वक्त बहुत सख्त केमिकल प्रोसैस से गुज़रता है। जिस कारण यह काँच बेहद मज़बूती प्रदान करने वाला बन जाता है। काँच बनावट की इस विशेष तकनीक का आविष्कार किसी एक घटना से हो गया था। जिसके बाद वैज्ञानिकों नें समयान्तर पर इस काँच बनावट तकनीक पर शोध किया और इसे उपभोगताओं के लिए उपलब्ध कराया। Gorilla Glass केवल मज़बूती के मापदंड पर ही नहीं पर सुंदरता और टच रिसपोन्स के मामले में भी अवल्ल आता है। अन्य सामान्य काँच के मुक़ाबले मजबूत होने के साथ साथ यह Gorilla Glass बहुत पतला (slim trim) है, जिस कारण यह बहुत Cool दिखता है। खास कर नए Touch Screen फोन में Gorilla Glass का बहुत उपयोग होता है।

Gorilla Glass की बनावट का प्रोसैस क्या होता है

  • गोरिल्ला ग्लास बनाने का प्रोसैस ion exchange नाम से भी जाना जाता है।
  • इस काँच को कुछ अवधि तक मोलटेन पोटेश्यम सोल्ट में रखा जाता है। जिस से उसका तापमान 400 डिग्री सेल्सयस (750 डिग्री फ़ेरेनहाइट) तक पहुँच जाता है।
  • अगले चरण में उस काँच में छोटे कण ion glass को त्याग देते हैं और बड़े potassium ion उनकी जगह ले लेते हैं।
  • इस घटना के बाद सभी बड़े ion एक दूसरे से चिपक जाते हैं।
  • अगले चरण में जब यह glass ठंडा होता है तब उसकी ऊपरी सतह पर Compress Stress होता है।
  • Special Compression (विशेष दबाव) के कारण potassium ion किसी एक रस प्रवाही की तरह अच्छे से घुलमिल जाते हैं।
  • इस पूरी प्रक्रिया के बाद एक High Quality Gorilla Glass तैयार हो जाता है।

Gorilla Glass

Gorilla Glass के आविष्कार की रोचक घटना

इस दमदार प्रॉडक्ट के इतिहास की बात करें तो, इस का आविष्कार किसी अकस्मात से हो गया था। सन 1952 में एक बार कोर्निंग की प्रयोगशाला में एक साइंटिस्ट नें फोटो सेंसेटिव ग्लास को, एक furnace (शायद भट्टी) में किसी प्ररीक्षण के लिए रखा था। उसके बाद वह किसी और काम में व्यस्त हो गए।

कुछ देर बाद उस Furnace (भट्टी) का तापमान लगभग 900 डिग्री सेल्सयस तक जा पहुंचा। ऐसा होने पर सभी लोगों को लगा की Furnace में रखा हुआ Sample इतनें ऊंचे तापमाना के कारण नष्ट हो चुका होगा।

लेकिन जब उन्होने उस भट्टी को खोला तो वह सब दंग रह गए। उन्होने पाया की Liquid ग्लास की जगह वहाँ Glass की एक पतली चपटी शीट बन चुकी थी। वह पतली शीट इतनी दमदार और मज़बूत थी की, ज़मीन पर पटक पटक कर गिराने पर भी टूट नहीं रही थी। इस तरह अकस्मान ही बेहद मजबूत Gorilla Glass का आविष्कार हुआ था।  

Gorilla Glass के लाभ और नुकसान

जिस तरह एक सिक्के के दो पहेलु होते हैं, ठीक वैसे ही Gorilla Glass के भी लाभ और नुकसान होते हैं। बढ़िया क्वालिटी और मजबूती देने वाले इस काँच के फायदे और नुकसान कुछ इस तरह हैं।

Benefits of Gorilla Glass – लाभ

  • यह शानदार Glass किसी अन्य सामान्य काँच के मुक़ाबले अधिक शक्तिशाली होता है।
  • मोटाई में यह काँच काफी पतला होता है। और दिखने में भी बहुत आकर्षक होता है।
  • इस काँच पर खरोच और घिसौटे नहीं पड़ते हैं। यानी की आसानी से Scratch नहीं लगते हैं।
  • इस काँच की बनावट इतनी कठिन प्रोसैस से की जाती है की यह बेहद heat (गरमी) को भी बड़ी आसानी से सेह लेता है।

Drawback of Gorilla Glass – नुक्सान

  1. Gorilla Glass बनाने के लिए आम Glass से अधिक लागत आती है।
  2. इस काँच की बनावट में कैमिकल का बहुत प्रयोग होता है।
  3. इस काँच की बनावट का खर्च अधिक लगता होने के कारण मोबाइल, Laptop वगेरा इलेक्ट्रोनिक उपकरण महेंगे बनते हैं।
  4. Gorilla Glass की बनावट का process थोड़ा कठिन होता है।

Types of Gorilla Glass

20वी सदी के मध्य में जब इस काँच का आविष्कार हुआ तब से ले कर आज तक इसमें कई सारे बदलाव आए हैं। हर बदलाव के साथ यह काँच और सुंदर ओर मजबूत बना है।

1.       Corning Gorilla Glass 2

  • गोरिल्ला ग्लास के इस संस्करण की शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी।
  • इस काँच का यह संस्करण पहले वाले के मुक़ाबले 20% पतला था।
  • Glass जितना अधिक पतला होगा उतना ही ज़्यादा touch screen कारगर होगा। Gorilla Glass का यह version अधिक टच responsive और sensitive होने के कारण कुछ ही समय में प्रसिद्ध होनें लगा।

2.       Corning Gorilla Glass 3

  • गोरिल्ला ग्लास के इस संस्करण में नयी तकनीक NDR (Native Damage Resistance) का उपयोग हुआ था।
  • यह काँच इसके पहले वाले संस्करण से करीब तीन गुना अधिक मजबूत हुआ। और इसका टच रिज़ल्ट User Experience अनुसार, और बहेतर Responsive और sensitive था।

3.       Corning Gorilla Glass 4

  • Gorilla Glass का यह संस्करण अधिक प्रभावशाली और मज़बूत है। इस काँच की विशेषता यह है की, यह ड्रॉप टेस्ट कुशलता से पास कर लेता है। इस काँच की मज़बूती जाँचने के लिए इसे काफी ऊंचाई से गिराया गया। इसके पहले लॉन्च हुए गोरिल्ला ग्लास की रीस्पोंसिव और सेंसेटिव quality के मुक़ाबले यह काँच कई गुना बहेतर था। और गिरने टूटने पर चार गुनी मज़बूती प्रदान करने वाला था।

4.       Corning Gorilla Glass 5

  • गोरिल्ला ग्लास का यह वर्तमान समय का सब से latest Version है। यह अब तक लॉन्च हुए सभी Gorilla Glass में सब से अधिक Thin, Tough, Durable और अविश्वसनीय Damage Resistance प्रदान करने वाला है। Gorilla Glass के इस संस्करण नें आजकल धूम मचा रक्खी है।
Gorilla Glass Conclusionविशेष

यह एक नए ज़माने की मज़बूत प्रॉडक्ट है। इसे ईस्त्माल करने के कोई शारीरिक साइड इफ़ेक्ट्स भी सामने नहीं आए हैं। ऊपर से यह बहेतर use experience प्रदान करता है।

तो ऐसे में नया फोन लैपटॉप या अन्य काँच वाले उपकरण खरीदने से पहले विक्रेता से यह ज़रूर पूछें की उसमें गोरिल्ला ग्लास लगा है या नहीं। गोरिल्ला ग्लास के बारे में  अगर अधिक जानकारी प्राप्त करनी है तो इस  लिंक कर क्लिक करें। 

Gorilla Glass के बारे में अगर आप के पास कोई और जानकारी हों तो Comment Box में ज़रूर Share करें। लेख अच्छा लगे तो ब्लॉग subscribe करना ना भूलें। – धन्यवाद

6 Comments

  1. gautam June 25, 2017
    • Paresh Barai June 25, 2017
  2. gautam June 25, 2017
    • Paresh Barai June 25, 2017
  3. Aashirvad Kumar June 26, 2017
    • Paresh Barai June 27, 2017

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